रूस में तय्यारा तबाह, 44 मुसाफ़िर हलाक, 8 ज़िंदा बच गई

घुन्ना कहर और मूसलाधार बारिश, रन वे के बजाय शाहराह पर लैंडिंग की कोशिश, हादिसा का सबब
मास्को । 21 जून (पी टी आई) रूस की शुमाली जमहूरी कीरीलीह में एक टी यू मुसाफ़िर बर्दार तय्यारा लैंडिंग के दौरान हादिसा का शिकार होकर शाहराह पर गिर पड़ा और जिस के नतीजा में 44 मुसाफ़िर हलाक और दीगर 8 बुरी तरह ज़ख़मी होगई। 8 ज़िंदा बच जाने वालों में एक 10 साला लड़का भी शामिल ही। हादिसा के बाद सड़क पर जहाज़ का मलबा शोला पोश होगया और दूर दूर तक इंसानी नाशें बिखरी पड़ी देखी गईं। रूस एयरलाईनज़ का ये तय्यारा मास्को से कीरीलीह के सुबाई दार-उल-हकूमत पटरोज़ाववदसक को रवाना होरहा था और शाहराह पर हंगामी लैंडिंग के दौरान मोहलिक हादिसा का शिकार होगया। वज़ारत हंगामी हालात की ख़ातून तर्जुमान एरेना आन्द्र युन्नानवा ने इस ख़बर की तौसीक़ करते हुए कहा कि इस बदनसीब तय्यारा मैं बिशमोल 9 अरकान अमला 52 मुसाफ़िर सवार थी। हादिसा में 44 अफ़राद हलाक होगए जबकि दीगर 8 करिश्माती तौर पर ज़िंदा बच गई, जिन में एक एयरहोस्टस भी शामिल ही। ऐनी शाहिदीन के मुताबिक़ ये तय्यारा घने कहर और मूसलाधार बारिश के सबब ख़राब मौसम में अर पोर्ट के क़रीब लैंडिंग कररहा था, लेकिन ग़लती से वो इस अर पोर्ट के रन वे के बजाय शाहराह पर उतर पड़ा और इस दौरान हादिसा का शिकार होगया। टैलीविज़न चैनलों ने ख़बर दी हीका घने कहर और बारिश के बावजूद रन वे पर लाइट्स को बंद रखा गया था और पाँच सकनड के लिए बर्क़ी मस्दूद होगई थी। ग़ालिबन इस वजह से ये मोहलिक हादिसा पेश आया। नाकाफ़ी रोशनी के सबब मंज़र वाज़िह नज़र नहीं आरहा था। पायलट ने ग़ालिबन शाहराह को रन वे समझ कर वहां लैंडिंग की कोशिश की थी। कीरीलीह की वज़ीर-ए-सेहत-ओ-समाजी बहबूद वैलंटीना अवीज ने कहाकि महलोकीन में स्वीडन का एक शहरी भी शामिल है जो ख़ुद लोगों की जान बचाने वाली इमदादी टीम का रुकन था।

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